CG News:-हसदेव नदी रेत खदान टेंडर पर हाईकोर्ट की रोक, बिना फाइनल रिपोर्ट नीलामी को बताया गलत
CG News:-छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी की प्रस्तावित रेत खदान को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। Chhattisgarh High Court ने रेत खदान के टेंडर को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि बिना अंतिम जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) के किसी भी रेत खदान की नीलामी नहीं की जा सकती।
यह मामला ग्राम पंचायत हथनेवरा से जुड़ा है, जहां प्रशासन ने रेत खनन के लिए टेंडर जारी किया था। पंचायत के सरपंच ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया पांच साल पुरानी रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई, जिसकी वैधता खत्म हो चुकी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने 30 मार्च को टेंडर जारी कर दिया और बोली प्रक्रिया भी पूरी कर ली।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस Ramesh Sinha और जस्टिस Ravindra Kumar Agrawal की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने कहा कि केवल ड्राफ्ट रिपोर्ट वेबसाइट पर डाल देना पर्याप्त नहीं है। नियमों के अनुसार जनता से आपत्तियां मंगाना और कलेक्टर से अंतिम मंजूरी लेना जरूरी होता है। इसके बाद ही रिपोर्ट को वैध माना जाएगा।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि नई DSR रिपोर्ट 27 नवंबर 2025 को ऑनलाइन अपलोड की गई थी और टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। सरकार ने यह भी दलील दी कि टेंडर रद्द होने से राजस्व का नुकसान होगा।
हालांकि कोर्ट ने पाया कि सरकार जिस रिपोर्ट का हवाला दे रही थी, वह सिर्फ ड्राफ्ट रिपोर्ट थी और उसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने टेंडर को रद्द कर दिया। साथ ही सरकार को नियमों के तहत नई और स्वीकृत रिपोर्ट तैयार कर दोबारा टेंडर जारी करने की छूट भी दी गई।
CG News:-क्या है DSR रिपोर्ट?
DSR यानी District Survey Report किसी जिले में रेत खनन की स्थिति, पर्यावरणीय प्रभाव और खनन क्षेत्र की जानकारी देने वाली महत्वपूर्ण रिपोर्ट होती है। पर्यावरण नियमों के तहत किसी भी रेत खदान की नीलामी से पहले इसका अंतिम रूप से स्वीकृत होना जरूरी माना जाता है।
