Digital Bastar:-नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप, बस्तर को बनाने की तैयारी देश का नया विकास मॉडल

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Digital Bastar:-रायपुर। कभी नक्सल हिंसा और पिछड़ेपन के लिए पहचान रखने वाला बस्तर अब विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी में है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के लिए ऐसा विजन पेश किया, जिसमें हर परिवार की आय बढ़ाने, खेतों तक पानी पहुंचाने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने की बड़ी योजना शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर को अब संघर्ष की नहीं, बल्कि विकास, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक तकनीक की पहचान दी जाएगी। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की औसत मासिक आय को 30 हजार रुपये तक पहुंचाना है।

Digital Bastar:-बस्तर में आएगी “दूध क्रांति”

सरकार बस्तर के आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। इससे गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण और परिवहन जैसी गतिविधियां बढ़ेंगी। महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Digital Bastar:-खेतों तक पहुंचेगा सालभर पानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इनसे करीब 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे किसान केवल धान ही नहीं बल्कि सब्जियां, फल और अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।

Digital Bastar:-आय दोगुनी करने का लक्ष्य

वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार कृषि, पशुपालन, वन उपज, लघु उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

Digital Bastar:-गांव-गांव पहुंचेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

बस्तर के लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को इसका विशेष लाभ मिलेगा।

Digital Bastar:-सुरक्षा शिविर बनेंगे “सेवा डेरा”

बस्तर में बने करीब 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां ग्रामीणों को राशन, पेंशन, बैंकिंग, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत 371 सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।

Digital Bastar:-पर्यटन बनेगा रोजगार का बड़ा जरिया

राज्य सरकार चित्रकोट और सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को नई गति मिलेगी।

Digital Bastar:-शिक्षा और तकनीक पर भी फोकस

अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है। इसके अलावा 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

Digital Bastar:-एआई और सेमीकंडक्टर में निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए गए हैं। साथ ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जिससे युवाओं को नई तकनीक आधारित नौकरियों के अवसर मिलेंगे।

Digital Bastar:-निर्यात में भी बढ़त

‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक राज्य का निर्यात 761.76 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा।

Digital Bastar:-क्या बोले मुख्यमंत्री?

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है। बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि और तकनीक आधारित विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

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