Teacher Recruitment:-छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक, आखिर क्यों उठे दिव्यांग आरक्षण पर सवाल?
Teacher Recruitment:-छत्तीसगढ़ में शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिलासपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भर्ती परीक्षा पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण व्यवस्था से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि पूर्णतः दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देने की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे वे भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।
Teacher Recruitment:-क्या है पूरा मामला?
राज्य शासन की ओर से शिक्षक और सहायक शिक्षक पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद विज्ञापन में दी गई शर्तों और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए बनाए गए आरक्षण रोस्टर को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रूंगटा ने अदालत में दलील दी कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का प्रावधान तो किया गया है, लेकिन पूर्णतः दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए इस व्यवस्था पर सवाल उठाए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे पात्र अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नौकरी पाने का अवसर प्रभावित हो रहा है।
Teacher Recruitment:-11 और 25 अक्टूबर की परीक्षा पर क्या होगा?
रिपोर्ट के मुताबिक, सहायक शिक्षक पद के लिए लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर और शिक्षक पद के लिए 25 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। हाईकोर्ट की रोक के बाद परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। हालांकि, आगे की तारीखों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों को अदालत के आगामी आदेश तथा संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।
Teacher Recruitment:-कितने पदों पर होनी थी भर्ती?
रिपोर्ट के अनुसार, सहायक शिक्षक भर्ती के तहत कुल 2,292 पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित थीं। इनमें ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1,497 पद शामिल बताए गए हैं। ऐसे में कोर्ट के आदेश से भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
Teacher Recruitment:-अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट ने राज्य शासन से मामले में जवाब मांगा है। अब सरकार को भर्ती विज्ञापन और दिव्यांग आरक्षण व्यवस्था पर उठाई गई आपत्तियों के संबंध में अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद अदालत के अगले आदेश से भर्ती प्रक्रिया की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल, यह मामला दिव्यांग अभ्यर्थियों को आरक्षण का उचित लाभ देने और भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर सुनिश्चित करने से जुड़ा है। उम्मीदवारों को परीक्षा रद्द होने या नई तारीख घोषित होने के संबंध में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक आदेश और नोटिस की पुष्टि करनी चाहिए।
