दुर्ग संगीत महाविद्यालय में भी एनईपी, सेमेस्टर से होगी परीक्षा…
दुर्ग। दुर्ग जिले का संगीत महाविद्यालय भी अगले साल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दायरे में आ जाएगा। अभी यहां सालना पद्धिति से परीक्षा हो रही है, लेकिन अगले सत्र से संगीत महाविद्यालय में भी सेमेस्टर आधारित पढ़ाई और परीक्षा कराई जाएगी। यह विश्वविद्यालय खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय से संबद्ध है, जो नए शैक्षणिक सत्र से एनईपी लागू करने जा रहा है। एनईपी को लेकर खैरागढ़ विश्वविद्यालय में बैठकों का दौर तेज हो गया है। संबद्ध कॉलेजों को भी इस संबंध में जानकारी दे दी गई है।
नए सिलेबस का गठन और इसके लिए जरूरी कार्ययोजना बनाने हाल में सेंट्रल बोर्ड की बैठक हुई है। पांच साल पहले खैरागढ़ विश्वविद्यालय ने भी अपनी यूटीडी की पढ़ाई और परीक्षा को सेमेस्टर आधारित कर दिया था, लेकिन फिर विद्यार्थियों की पढ़ाई, प्रैक्टिकल और अन्य तरह की समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर परीक्षा को बंद कर दिया और सालाना परीक्षा पद्धिति ही दोबारा लागू कर दी थी। अब सरकार ने बाकी कॉलेजों और विश्वविद्यालय की ही तरह संगीत विश्वविद्यालय को भी एनईपी के दायरे में लाने का निर्णय ले लिया है।
पढ़ेंगे हिंदुस्तानी संगीत
दुर्ग संगीत महाविद्यालय में बीपीए में विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत (हिंदुस्तानी) पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें भरतनाट्यम सिखा रहे हैं। एक विषय लोक संगीत है। इसी तरह हिंदी और अंग्रेजी को आधार पाठ्यक्रम रखा गया है। इस कोर्स के लिए सिलेबस खैरागढ़ विश्वविद्यालय ने तैयार किया है। कोर्स का संचालन करने कर्नाटक शैली गायन और मृदंगम के लिए एक-एक संगतकार मिला है। हार्मोनियम और सारंगी के लिए विभाग मेें एक संगतकार है। हालांकि स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है, इसलिए अतिथि व्याख्याताओं से ही काम चलाने की मजबूरी है।
अगले साल सीट बढ़ने की संभावना
साइंस कॉलेज कैंपस में संगीत महाविद्यालय में बीपीए कोर्स की सभी सीटें फुल हुई है। अगले साल से दो नए कोर्स शुरू करने की भी तैयारी है। भवन को लेकर चल रही व्यवस्था होने के बाद दो नए कोर्स की शुरुआत हो सकती है। हर साल महाविद्यालय को यह कोर्स पसंद आ रहा है। महाविद्यालय प्रबंधन ने राज्य शासन से तंबूरा, तबला, हार्मोनियम जैसे इंस्टूमेंट खरीदी के लिए बजट का प्रस्ताव भेज दिया है। छात्रों के रुझान को देखते हुए अगले साल सीटों की संख्या दोगुनी हो कर 80 करने का प्रस्ताव बना है।
पदनाम पदों की संख्या
प्राचार्य 1
सहायक प्राध्यापक 5
संगतकार शैक्षणिक 4
सहायक ग्रेड 3
भृत्य 2
बुक लिफ्टर 1
स्वच्छक 1
चौकीदार 1
दुर्ग संगीत महाविद्यालय अगले साल से एनईपी के दायरे में आएगा। इसको लेकर खैरागढ़ विश्वविद्यालय में बैठकें चल रही है। नए सत्र से महाविद्यालय में सेमेस्टर प्रणाली लागू होगी।
