सेंट्रल जेल में बंद कैदी ने जज को दी धमकी, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप…

Share

बिलासपुर। बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद कैदी द्वारा सफेमा कोर्ट मुंबई के जज को धमकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धमकी भरा पत्र सामने आने के बाद पुलिस और जेल प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि बिलासपुर के सेंट्रल जेल में बंद एनडीपीएस के आरोपी संजीव कुमार छाबड़ा उर्फ सुच्चा सिंह के नाम से धमकी भरा पत्र भेजा गया है।

पत्र में कार्रवाई को लेकर व रकम का डिमांड करते हुए धमकाया गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस ने पत्र लिखकर धमकाने वाले के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पिछले दिनों गांजा व अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के कुख्यात आरोपी संजीव कुमार छाबड़ा उर्फ सुच्चा सिंह को बिलासपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

एंड टू एंड जांच में नशे के कारोबार से बनाई गई सुच्चा सिंह की करीब 4 करोड़ रुपए के संपत्ति की जानकारी पुलिस को मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने संपत्ति को फ्रीज करने के लिए मामले को सफ़ेमा कोर्ट मुंबई में प्रकरण को भेजा था। सफेमा कोर्ट ने संजीव कुमार छाबड़ा की संपत्ति को सीज करने का आदेश दिया था। कार्रवाई के बाद से सुच्चा सिंह सेंट्रल जेल में बंद है।

इसी बीच सफेमा कोर्ट मुंबई के जज व शहर के एक व्यक्ति को संजीव कुमार छाबड़ा उर्फ सुच्चा सिंह के नाम से एक धमकी भरा पत्र भेजा गया है। पत्र में कार्रवाई को लेकर व रकम का डिमांड करते हुए धमकाया गया है। इधर जेल में बंद NDPS के आरोपी के नाम से जज को धमकी भरा पत्र भेजने के बाद जेल व पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। सफेमा कोर्ट ने PHQ को सम्बन्धित पत्र की जानकारी भेजी है। PHQ ने बिलासपुर पुलिस को इस सनसनीखेज मामले में तत्काल FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।जिसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आपको बता दे इससे पहले भी बिलासपुर सेंट्रल जेल से कई बार इस तरह के धमकी भरे पत्र सामने आ चुके हैं। जिसमें जजों के साथ ही मुख्यमंत्री तक को धमकी दी गई है। हालांकि संबंधित मामले में जिसके नाम से पत्र जारी किया गया है। आरोपी सुच्चा सिंह पहले से एनडीपीएस के प्रकरण में जेल में बंद है। आरोपी से पूछताछ के बाद ही इस धमकी भरे पत्र की हकीकत का खुलासा हो सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *