भारतमाला प्रोजेक्ट की रायपुर समेत 11 जिलों में जांच तेज, रिपोर्ट जमा करने के निर्देश…
रायपुर। भारतमाला प्रोजेक्ट में हुए घोटालों की जांच तेज हो गई है। राजधानी रायपुर समेत कुल 11 जिलों में जांच शुरू की जाएगी। राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को जांच कर रिपोर्ट जमा करने को कहा है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इससे पहले कुछ जिलों में हुई प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मांगी है। जिसके बाद अब घोटलेबाज अधिकारियों-भूमाफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
भ्रष्टाचार की आशंका
शुरुआती जांच में सामने आया था कि कुछ सरकारी अधिकारियों, भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों ने मिलीभगत कर लगभग 43 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि हासिल कर ली। विस्तृत जांच में यह आंकड़ा 220 करोड़ रुपए से ज्यादा तक पहुंच गया है। अब तक 164 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन का रेकॉर्ड भी जांच एजेंसी को मिल चुका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने 6 मार्च को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है।
