CG News:-दिल्ली में छत्तीसगढ़ के बुनकरों की आवाज! बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री के सामने रखा ‘स्वदेशी’ एजेंडा

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CG News:-नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वस्त्र, हस्तकरघा और बुनकरों से जुड़े मुद्दों को लेकर रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के बुनकरों और हस्तकरघा क्षेत्र को बेहतर बाजार, आधुनिक तकनीक और नए अवसर उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। सांसद ने केंद्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित स्वदेशी मेले में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

CG News:-छत्तीसगढ़ के बुनकरों की कला को बाजार से जोड़ने पर जोर

मुलाकात में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनकरी और स्थानीय वस्त्रों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुख रहा। प्रदेश में लंबे समय से बुनकर और कारीगर पारंपरिक तकनीकों के जरिए कपड़ा और हस्तशिल्प तैयार करते आ रहे हैं। ऐसे उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, तकनीक, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ने पर उन्हें देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

केंद्र सरकार भी देश के हस्तकरघा क्षेत्र को बाजार, डिजाइन और तकनीकी सहयोग से जोड़ने पर जोर देती रही है। हाल ही में आयोजित ‘वीव्स ऑफ इंडिया’ महोत्सव में छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों की पारंपरिक बुनकरी को राष्ट्रीय मंच दिया गया था। इस आयोजन में देश की 116 विरासत बुनाइयों को प्रदर्शित किया गया था।

CG News:-स्वदेशी मेले में स्थानीय उत्पादों को मिलेगा मंच

बृजमोहन अग्रवाल की ओर से दिए गए निमंत्रण का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और बुनकरों को स्वदेशी बाजार से जोड़ना बताया गया है। ऐसे आयोजनों के जरिए स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी, बिक्री और प्रचार के लिए मंच उपलब्ध कराया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में स्वदेशी मेलों के आयोजन को लेकर स्वदेशी जागरण मंच की ओर से भी गतिविधियां चलती रही हैं। जुलाई 2025 में रायपुर में प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वदेशी मेलों के आयोजन को लेकर प्रांतीय कार्यशाला आयोजित होने की रिपोर्ट सामने आई थी।

CG News:-केंद्र की योजनाओं से जुड़ने की उम्मीद

छत्तीसगढ़ के हस्तकरघा क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं और संस्थागत सहयोग का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि देश में टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। जुलाई 2026 में नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 में 130 से अधिक देशों के 6,000 से ज्यादा खरीदारों और 1.3 लाख से अधिक व्यापारिक आगंतुकों की भागीदारी हुई।

ऐसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वस्त्रों और हस्तकरघा उत्पादों को जोड़ने की दिशा में बाजार विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं।

CG News:-बुनकरों के लिए रोजगार और आय बढ़ाने की चुनौती

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनकरी केवल कपड़ा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ी हुई है। बेहतर बाजार, आधुनिक डिजाइन, तकनीकी प्रशिक्षण और उचित मूल्य मिलने पर बुनकरों की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं।

केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की हालिया गतिविधियों में भी हस्तकरघा, टिकाऊ वस्त्र और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने पर जोर दिखाई देता है। ‘वीव द फ्यूचर 4.0’ जैसे आयोजनों में हस्तशिल्प और टिकाऊ उत्पादन को नए बाजार मॉडल से जोड़ने की बात सामने आई है।

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