Naxal Surrender:-माओवादियों को बड़ा झटका: 20 लाख का इनामी केंद्रीय सदस्य नरहरि पत्नी संग सरेंडर, कई राज्यों में 15 नक्सलियों ने छोड़ी हिंसा की राह

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Naxal Surrender:-प्रतिबंधित माओवादी संगठन को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। संगठन के केंद्रीय समिति सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी पसुनूरी नरहरि उर्फ संतोष ने अपनी पत्नी जोबा उर्फ पूनम के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। नरहरि लंबे समय से झारखंड और बिहार क्षेत्र में सक्रिय था और माओवादी संगठन में उसकी गिनती बड़े नेताओं में होती थी।

जानकारी के मुताबिक नरहरि तेलंगाना के हनमकोंडा जिले का रहने वाला है और वर्ष 1996 से भूमिगत रहकर माओवादी गतिविधियों में शामिल था। वह बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी और ईस्ट रीजनल ब्यूरो में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुका था। पुलिस सूत्रों के अनुसार खराब स्वास्थ्य और लगातार बढ़ते सुरक्षा बलों के दबाव के चलते उसने सरेंडर का फैसला लिया।

नरहरि की पत्नी जोबा उर्फ पूनम भी माओवादी संगठन में क्षेत्रीय समिति सदस्य के रूप में सक्रिय बताई जा रही है। दोनों के एक साथ आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं। हाल के महीनों में तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और झारखंड में लगातार चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के कारण कई बड़े माओवादी नेता संगठन छोड़ रहे हैं।

इधर महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी नक्सल संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है। गढ़चिरौली और कांकेर में कुल 15 इनामी नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इनमें कई ऐसे नक्सली शामिल हैं जिन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारियों के अनुसार नक्सली अब संगठन की कमजोर होती स्थिति और खोखली विचारधारा से निराश होकर सरेंडर कर रहे हैं।

Naxal Surrender:-पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की सुविधा दी जा रही है। पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में 2380 से ज्यादा नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, जबकि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार छोड़े हैं।

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