गरीबों के पक्के घर का सपना हो रहा साकार, PM आवास योजना में छत्तीसगढ़ ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने का अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण की रफ्तार ने छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। सरकार के मुताबिक, महज 10 महीने 4 दिन में 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख आवास बनाने का संकल्प लिया था। सरकार का कहना है कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधूरे पड़े पुराने आवासों को पूरा करने के साथ नए मकानों की स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई।
रोजाना बन रहे 1600 से ज्यादा मकान
आवास निर्माण की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2025 में अप्रैल से अक्टूबर के बीच राज्य में औसतन करीब 2 हजार आवास प्रतिदिन पूरे किए गए। वर्तमान में भी प्रतिदिन 1600 से ज्यादा मकानों के निर्माण का दावा किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, प्रदेश में अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 24.37 लाख आवासों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें बड़ी संख्या में मकान निर्माण पूरा हो चुका है।
वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर भी फोकस
सरकार ने सामान्य ग्रामीण आवासों के साथ विशेष क्षेत्रों में भी आवास निर्माण पर जोर दिया है। वन क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 33,601 आवास और नक्सल प्रभावित रहे इलाकों के लिए विशेष परियोजना के अंतर्गत 15 हजार अतिरिक्त आवास बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा ‘आवास प्लस 2.0-2024’ के तहत ऐसे परिवारों का सर्वे भी किया गया है, जिनके मकान अभी कच्चे हैं। पात्र परिवारों को योजना से जोड़कर उनके लिए भी पक्के आवास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
शहरी क्षेत्रों में भी नए आवासों को मंजूरी
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के 106 नगरीय निकायों में 7,230 नए आवासों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है। पात्र हितग्राहियों को मकान निर्माण के लिए अधिकतम 2.50 लाख रुपये तक की सहायता दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
इससे ग्रामीण इलाकों के साथ शहरों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी पक्के आवास की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सिर्फ मकान नहीं, दूसरी सुविधाओं से भी जोड़ने का प्रयास
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य केवल परिवार को छत उपलब्ध कराना नहीं है। योजना के लाभार्थियों को अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जाता है। पात्र परिवारों को मनरेगा के तहत मजदूरी सहायता, शौचालय निर्माण सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिलने का प्रावधान है।
पक्का मकान मिलने से ग्रामीण परिवारों को बारिश, गर्मी और ठंड के दौरान बेहतर सुरक्षा मिलने के साथ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित रहने की जगह उपलब्ध होती है।
जिलों की मॉनिटरिंग से निर्माण को मिली गति
आवास निर्माण की प्रगति में पंचायत स्तर की निगरानी, तकनीकी सहायता और लगातार समीक्षा को अहम माना जा रहा है। बिलासपुर, महासमुंद, बलरामपुर, कोरबा और रायगढ़ समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में आवासों का निर्माण पूरा किए जाने की जानकारी सामने आई है।
आवास मित्रों और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था के जरिए निर्माण की प्रगति पर नजर रखने का दावा भी किया गया है।
सीएम बोले- हर जरूरतमंद के घर का सपना पूरा करना लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुताबिक, सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया था, उसे जमीन पर उतारने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि ढाई साल के कार्यकाल में 10.60 लाख से अधिक ग्रामीण आवासों का पूरा होना इसी प्रयास का परिणाम है।
सरकार के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आंकड़े केवल निर्माण की संख्या नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों के जीवन में आए बदलाव को भी दर्शाते हैं, जिन्हें वर्षों तक कच्चे मकानों में रहना पड़ा।
पक्की छत के साथ बदल रही जिंदगी
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति का असर ग्रामीण जीवन पर भी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। पक्का मकान गरीब परिवारों के लिए बारिश और मौसम की मार से सुरक्षा के साथ सम्मान और स्थिरता का आधार बन रहा है। अब सरकार के सामने चुनौती यह है कि स्वीकृत सभी आवासों को समय पर पूरा कर पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए।
