Pregnancy Facts:-प्रेग्नेंसी में गैस से घबराने की जरूरत या बच्चे पर खतरा? जानिए डॉक्टर से जुड़े सवाल का पूरा सच

Share

Pregnancy Facts:-प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं और इन्हीं के बीच गैस, ब्लोटिंग, डकार और पेट में भारीपन जैसी परेशानियां भी आम हो जाती हैं। लेकिन क्या पेट में बनने वाली गैस गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है?

सीधी बात—आमतौर पर सामान्य गैस और ब्लोटिंग से बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचता। ये समस्या मुख्य रूप से मां के पाचन तंत्र से जुड़ी होती है। प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव, खासकर प्रोजेस्टेरोन के बढ़ने से पाचन तंत्र की मांसपेशियां रिलैक्स हो सकती हैं और पाचन की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। इससे गैस और ब्लोटिंग बढ़ सकती है।

जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी आगे बढ़ती है, बढ़ता हुआ गर्भाशय पेट और आसपास के अंगों पर दबाव डाल सकता है। इसकी वजह से पेट फूलना, भारीपन, अपच और गैस जैसी परेशानियां ज्यादा महसूस हो सकती हैं।

Pregnancy Facts:-किन चीजों से बढ़ सकती है गैस?

कुछ लोगों में बीन्स, छोले, कुछ सब्जियां, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स या ऐसे खाद्य पदार्थ जिनसे उन्हें व्यक्तिगत तौर पर गैस होती है, समस्या बढ़ा सकते हैं। जल्दी-जल्दी खाना खाने और खाना खाते समय ज्यादा हवा निगलने से भी ब्लोटिंग बढ़ सकती है।

इसलिए अगर किसी खास खाने के बाद बार-बार गैस या ब्लोटिंग होती है, तो कुछ दिनों तक अपनी फूड डायरी बनाकर यह नोट किया जा सकता है कि कौन-सा भोजन समस्या बढ़ा रहा है।

Pregnancy Facts:-गैस से राहत के लिए क्या करें?

प्रेग्नेंसी में गैस और अपच को कम करने के लिए कुछ आसान बदलाव मददगार हो सकते हैं—

  • एक साथ बहुत ज्यादा खाने के बजाय कम मात्रा में और बार-बार खाना।
  • खाना अच्छी तरह चबाकर और धीरे-धीरे खाना।
  • खाने के तुरंत बाद लेटने से बचना और कुछ देर सीधा बैठना।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी करना।
  • जिन खाने-पीने की चीजों से गैस बढ़ती है, उन्हें सीमित करना।
  • पर्याप्त पानी पीना और कब्ज से बचने की कोशिश करना।

लेकिन इस गलती से बचें…

पेट में तेज दर्द होने पर उसे हमेशा गैस समझ लेना सही नहीं है। प्रेग्नेंसी में पेट दर्द के कई कारण हो सकते हैं और कुछ स्थितियों में तुरंत मेडिकल जांच की जरूरत पड़ सकती है।

अगर पेट दर्द बहुत तेज हो, लगातार बना रहे या आराम करने के बाद भी ठीक न हो, अथवा इसके साथ वजाइनल ब्लीडिंग, नियमित ऐंठन/कसाव, असामान्य फ्लूइड लीक होना, पेशाब करते समय दर्द, बुखार या लगातार उल्टी जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर या संबंधित मेडिकल सेंटर से संपर्क करना चाहिए।

इसी तरह प्रेग्नेंसी के उस चरण में जब बच्चे की मूवमेंट महसूस होने लगी हो, बच्चे की सामान्य मूवमेंट में अचानक बदलाव या कमी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

और सबसे जरूरी बात—प्रेग्नेंसी में गैस या एसिडिटी की कोई भी दवा खुद से लेने के बजाय पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें, क्योंकि हर दवा गर्भावस्था में उपयुक्त नहीं होती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *