Sex CD Case: फिर टली भूपेश बघेल की याचिका पर सुनवाई, अब 25 सितंबर को हाईकोर्ट में होगी अगली सुनवाई
Sex CD Case: फिर टली भूपेश बघेल की याचिका पर सुनवाई, अब 25 सितंबर को हाईकोर्ट में होगी अगली सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित सेक्स सीडी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य आरोपियों से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर 2026 को होगी। मंगलवार को मामला सूची में नंबर नहीं आने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2017 में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से जुड़े कथित अश्लील वीडियो के प्रसार से संबंधित है। मामले की जांच CBI को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने भूपेश बघेल, विनोद वर्मा, कैलाश मुरारका समेत अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। CBI ने मामले में आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए थे।
पहले मिली थी राहत, फिर पलटा आदेश
मार्च 2025 में विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को इस मामले में डिस्चार्ज कर दिया था। अदालत ने उस समय उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त प्रथम दृष्टया आधार नहीं माना था। इसके बाद CBI ने इस आदेश को चुनौती दी।
जनवरी 2026 में विशेष CBI अदालत ने बघेल को डिस्चार्ज करने वाले आदेश को पलट दिया और उनके खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया। इसी के बाद बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस आदेश को चुनौती दी।
हाईकोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत
जुलाई 2026 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भूपेश बघेल की याचिका पर सुनवाई करते हुए CBI कोर्ट में उनके खिलाफ चल रही आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी थी। बघेल की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है और निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई। CBI ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर निचली अदालत का आदेश उचित था।
25 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
मंगलवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन शाम तक केस का नंबर नहीं आया। इसके बाद CBI की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले को सुनने का अनुरोध किया। हालांकि, पक्षों की दलीलों के बाद अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की गई।
कानूनी लड़ाई पर टिकी नजर
अब सभी की नजर 25 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर है। हाईकोर्ट में मुख्य सवाल यह होगा कि भूपेश बघेल के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने वाले निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप किया जाए या नहीं। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि नहीं हुई है।
यानी 2017 से चला आ रहा यह चर्चित मामला एक बार फिर हाईकोर्ट की चौखट पर है—लेकिन अगला फैसला 25 सितंबर की सुनवाई के बाद ही तस्वीर को और साफ करेगा।
