कम पानी, बंजर जमीन में भी मुनाफा: Lemon Grass की “अब्दुल कलाम” किस्म से किसानों को नई उम्मीद
कम पानी और कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसलों की तलाश कर रहे किसानों के लिए Lemon Grass एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है। एक बार इसकी खेती शुरू करने पर 5-6 वर्षों तक लगातार कटाई की जा सकती है। इसके तेल की बाजार में भारी मांग होने के कारण यह पारंपरिक फसलों की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक आय दे सकता है।
छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत कार्यरत छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने ऐसे किसानों के लिए खास पहल की है, जो पानी की कमी से जूझ रहे हैं। वन मंत्री केदार कश्यप, बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम और उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस योजना को आगे बढ़ाया है।
मुफ्त पौधे और प्रशिक्षण
बोर्ड के सीईओ जे.ए.सी.एस. राव के अनुसार, कम पानी वाले क्षेत्रों के किसानों को Lemon Grass की उन्नत “अब्दुल कलाम” किस्म के पौधे निशुल्क दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही खेती की पूरी ट्रेनिंग भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी।
वैज्ञानिकों द्वारा विकसित उन्नत किस्म
- किस्म: “अब्दुल कलाम” (CPK-F2-38)
- सिट्रल मात्रा: 75–80%
- उपयोग: इत्र, फ्लेवर और सुगंध उद्योग
यह किस्म उच्च गुणवत्ता वाले तेल उत्पादन के लिए जानी जाती है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिलती है।
खेती के लिए उपयुक्त परिस्थितियां
| कारक | विवरण |
|---|---|
| पानी की जरूरत | बहुत कम |
| मिट्टी | बलुई दोमट, अच्छी जल निकासी |
| पौधों की दूरी | 40×40 सेमी |
| उत्पादन अवधि | 5-6 साल तक |
जल संरक्षण और आय में बढ़ोतरी
Lemon Grass की खेती न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ाती है, बल्कि जल संरक्षण और भूमि सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए यह फसल खासतौर पर फायदेमंद साबित हो रही है।
पृथ्वी दिवस पर विशेष अभियान
22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के मौके पर बोर्ड द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें किसानों को इस फसल के फायदे बताए जाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
