Coal Scam Chhattisgarh:-कोयला घोटाले की डायरी में ‘भवन’ और ‘C PARTY’! 9500 पन्नों के चालान में नेताओं-अफसरों से जुड़े करोड़ों के लेन-देन का दावा

Share

Coal Scam Chhattisgarh:-रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 500 करोड़ रुपये से अधिक के कथित कोयला लेवी मामले में जांच अब एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने रायपुर की विशेष अदालत में 12 आरोपियों के खिलाफ करीब 9500 पन्नों का पूरक चालान पेश किया है। इसमें कोयला परिवहन से कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली, रकम के बंटवारे, चुनावी गतिविधियों और जमीन-वाशरी समेत अन्य संपत्तियों में निवेश से जुड़े कई दावे किए गए हैं।

EOW के मुताबिक, जांच के दौरान कोयले के अलावा आयरन पैलेट के परिवहन से 100 रुपये प्रति टन की कथित वसूली के तथ्य भी सामने आए हैं। पूरक चालान में जब्त डायरियों, व्हाट्सऐप चैट, बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल साक्ष्यों और सरकारी पत्राचार के आधार पर कई लोगों की कथित भूमिका का विवरण दिया गया है।

Coal Scam Chhattisgarh:-डायरी में ‘भवन’ और ‘C PARTY’ की 32 एंट्री

चालान में कांग्रेस से जुड़े तत्कालीन पदाधिकारी राम गोपाल अग्रवाल से संबंधित डायरी प्रविष्टियों का भी उल्लेख है। EOW के अनुसार, जब्त डायरियों में ‘भवन’ और ‘C PARTY’ के नाम से 32 प्रविष्टियों में कुल 104.20 करोड़ रुपये दर्ज मिले। जांच एजेंसी का दावा है कि इन रकम से जुड़ी प्रविष्टियों और कथित भुगतान की कड़ियां राजीव भवन तथा अन्य व्यक्तियों तक पहुंचती हैं।

चालान में परिवार से जुड़ी कंपनियों के नाम जमीन खरीद और रजिस्ट्री मूल्य से अतिरिक्त नकद भुगतान से जुड़े तथ्यों का भी उल्लेख किया गया है।

Coal Scam Chhattisgarh:-खैरागढ़ उपचुनाव तक पहुंची रकम की कड़ियां

EOW की जांच के मुताबिक, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव और उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से जुड़ी 11 डायरी प्रविष्टियों में करीब 3 करोड़ रुपये दर्ज हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि इनमें खैरागढ़ उपचुनाव से संबंधित रकम भी शामिल थी।

इसी तरह विनोद तिवारी से जुड़े नामों की 22 डायरी प्रविष्टियों में करीब 2.12 करोड़ रुपये दर्ज होने का उल्लेख है। चालान के अनुसार, इन रकम के इस्तेमाल में राजनीतिक गतिविधियां, खैरागढ़ उपचुनाव के होर्डिंग भुगतान और जिला पंचायत से जुड़े लोगों के लिए रकम की व्यवस्था जैसे बिंदुओं की जांच की गई।

Coal Scam Chhattisgarh:-25 रुपये प्रति टन से शुरू हुई कथित वसूली की कहानी

जांच एजेंसी के अनुसार, सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगियों ने कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से 25 रुपये प्रति टन की दर से कथित अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई थी।

EOW के मुताबिक, 15 जुलाई 2020 के एक आदेश के बाद ऑनलाइन ई-परमिट जारी करने से पहले जिला खनिज अधिकारी की मंजूरी को अनिवार्य किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी व्यवस्था का इस्तेमाल कथित लेवी वसूली के लिए किया गया।

विभिन्न जिलों से कथित तौर पर जुटाई गई रकम रायपुर पहुंचती थी, जहां उसका हिसाब-किताब और आगे वितरण किए जाने की बात चालान में कही गई है।

Coal Scam Chhattisgarh:-‘CM हाउस’ के नाम पर विश्राम गृह बुकिंग का भी जिक्र

पूरक चालान में डिजिटल साक्ष्यों का भी खासा उल्लेख है। EOW के अनुसार, अनुराग दीवान के जब्त मोबाइल से 15 जुलाई 2020 के आदेश से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

जांच में यह भी दावा किया गया है कि कथित वसूली की व्यवस्था लागू कराने के लिए सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगी अलग-अलग जिलों में बैठकें कर रहे थे। उनके ठहरने के लिए कुछ विश्राम गृहों में ‘CM House’ के नाम से बुकिंग कराए जाने के साक्ष्य मिलने की बात भी चालान में कही गई है।

Coal Scam Chhattisgarh:-BALCO और अंबुजा के पत्राचार का भी हवाला

EOW ने चालान में कंपनियों से जुड़े पत्राचार को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, BALCO से जुड़े ईमेल और पत्राचार में परिवहन बिलों में कथित लेवी की रकम को ‘Incidental Expenses’ के रूप में जोड़े जाने का उल्लेख मिला।

इसके अलावा 15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद कोयला परिवहन के टीपी पास जारी करने को लेकर अंबुजा की ओर से खनिज विभाग को भेजे गए पत्र का भी चालान में उल्लेख किया गया है।

Coal Scam Chhattisgarh:-कोयले के बाद आयरन पैलेट पर भी कथित लेवी

जांच का एक अहम हिस्सा आयरन पैलेट परिवहन से जुड़ा है। EOW के मुताबिक, पैलेट परिवहन से 100 रुपये प्रति टन की कथित अवैध वसूली के तथ्य सामने आए हैं।

चालान के अनुसार, 14 दिसंबर 2021 को लौह अयस्क और पैलेट परिवहन के लिए अभिवहन पास की व्यवस्था का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था और 5 जनवरी 2022 के आदेश से यह व्यवस्था लागू हुई।

जांच एजेंसी का दावा है कि तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य ने पैलेट उद्योगपतियों की बैठक लेकर कथित तौर पर 100 रुपये प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी या उसके लोगों को देने के निर्देश दिए थे। डायरी में भी ऐसी प्रविष्टियां मिलने की बात कही गई है।

Coal Scam Chhattisgarh:-किन लोगों की भूमिका का चालान में जिक्र?

EOW के अनुसार पूरक चालान में 12 लोगों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। इनमें राम गोपाल अग्रवाल, देवेंद्र सिंह यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव प्रसाद राय, जयप्रकाश मौर्य, पियूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा शामिल हैं।

जांच एजेंसी ने अलग-अलग आरोपियों के संबंध में नकद लेन-देन, राजनीतिक गतिविधियों, चुनावी खर्च, जमीन खरीद, वाशरी में निवेश, बैंक खातों के इस्तेमाल और कथित रकम को अन्य माध्यमों से खपाने जैसे आरोपों/तथ्यों का विवरण चालान में दिया है।

Coal Scam Chhattisgarh:-जमीन, वाशरी और बैंक खातों तक पहुंची जांच

पूरक चालान में कथित अवैध रकम के इस्तेमाल से जुड़ी संपत्तियों की भी चर्चा है। EOW के अनुसार, कुछ मामलों में जमीन खरीद में रजिस्ट्री मूल्य से अधिक नकद भुगतान, परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल और रकम को संपत्तियों में निवेश किए जाने के तथ्य सामने आए।

जांच एजेंसी ने कुछ मामलों में वाशरी खरीद और निर्माण परियोजनाओं में नकदी के इस्तेमाल का भी दावा किया है।

Coal Scam Chhattisgarh:-अभी जांच पूरी नहीं हुई

EOW के मुताबिक, मामले में अन्य संभावित संदिग्धों और बाकी लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है। न्यायालय से अनुमति प्राप्त दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) के तहत आगे की विवेचना किए जाने की बात भी चालान में कही गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *