Ethanol Blending:-E-20 विवाद के बाद सरकार ने रोकी E-30 की रफ्तार! तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा हरी झंडी
Ethanol Blending:-देशभर में E-20 पेट्रोल को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल में E-22, E-25, E-27 और E-30 एथेनॉल मिश्रण लागू करने की प्रक्रिया में फिलहाल सावधानी बरतने का फैसला किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने से पहले तकनीकी अध्ययन, वाहन परीक्षण और व्यापक जन-परामर्श किया जाएगा।
हालांकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने E-22, E-25, E-27 और E-30 ईंधन के लिए नए गुणवत्ता मानक जारी कर दिए हैं, लेकिन इससे इन ईंधनों को तुरंत बाजार में लागू करने का फैसला नहीं माना जाएगा। सरकार का कहना है कि यह केवल भविष्य की तैयारी है।
Ethanol Blending:-E-20 विवाद के बाद बदला सरकार का रुख
देश में E-20 पेट्रोल लागू होने के बाद कई वाहन मालिकों ने माइलेज घटने, पुराने वाहनों की अनुकूलता और इंजन पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं ऑटोमोबाइल कंपनियां लगातार दावा कर रही हैं कि E-20 आधुनिक वाहनों के लिए सुरक्षित है। इन बहसों के बीच सरकार ने उच्च एथेनॉल मिश्रण लागू करने में जल्दबाजी नहीं करने का निर्णय लिया है।
Ethanol Blending:-ARAI करेगी विस्तृत तकनीकी अध्ययन
सरकार ने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) को E-22 से E-30 तक के ईंधनों का मौजूदा वाहनों पर प्रभाव जांचने की जिम्मेदारी सौंपी है।
अध्ययन में इन प्रमुख बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाएगा—
- इंजन की कार्यक्षमता
- वाहन की माइलेज
- रखरखाव लागत
- वाहन प्रदर्शन
- पुराने और नए वाहनों की अनुकूलता
बताया जा रहा है कि इस अध्ययन की रिपोर्ट अगले वर्ष के अंत तक आने की संभावना है।
Ethanol Blending:-BIS ने जारी किए नए मानक
BIS द्वारा जारी IS 19850:2026 मानक में E-22, E-25, E-27 और E-30 पेट्रोल के लिए गुणवत्ता, सुरक्षा, ऑक्टेन, सल्फर, पानी की मात्रा और परीक्षण प्रक्रिया तय की गई है। इसका उद्देश्य भविष्य में उच्च एथेनॉल मिश्रण के लिए तकनीकी आधार तैयार करना है।
Ethanol Blending:-चार बड़े मुद्दों पर सरकार करेगी फैसला
| मुद्दा | सरकार क्या जांचेगी? |
|---|---|
| कीमत | एक्साइज ड्यूटी राहत का लाभ उपभोक्ताओं तक कैसे पहुंचे |
| वाहन अनुकूलता | इंजन, फ्यूल सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपग्रेड की जरूरत |
| माइलेज | कम माइलेज की शिकायतों का तकनीकी समाधान |
| किसानों को फायदा | एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से गन्ना एवं अनाज उत्पादकों की आय और चीनी मिलों की अतिरिक्त क्षमता का उपयोग |
Ethanol Blending:-सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार का मानना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से—
- कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी।
- विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
- कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
- किसानों और चीनी उद्योग को आर्थिक लाभ मिलेगा।
हालांकि सरकार का कहना है कि E-30 जैसे उच्च मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने का अंतिम फैसला वैज्ञानिक परीक्षण और विशेषज्ञों की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा।
