UPI ने फिर रचा इतिहास! अगस्त में 2,451 करोड़ पेमेंट, हर दिन करीब 79 करोड़ ट्रांजैक्शन
जेब में कैश कम हो रहा है… लेकिन मोबाइल से पेमेंट का रिकॉर्ड टूट रहा है! अगस्त में UPI ने ट्रांजैक्शन की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में UPI के जरिए 24.51 अरब यानी करीब 2,451 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। यह अब तक किसी एक महीने में UPI ट्रांजैक्शन की सबसे बड़ी संख्या है। जुलाई में करीब 23.66 अरब यानी 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे। यानी सिर्फ एक महीने में ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 3.6 प्रतिशत बढ़ गई।
अब बात करें पैसों की…
अगस्त में UPI के जरिए कुल 29.82 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। यह रकम पिछले साल अगस्त के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत ज्यादा है। अगस्त 2025 में UPI से करीब 24.85 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए थे।
लेकिन यहां एक जरूरी बात समझिए…
₹29.82 लाख करोड़ का आंकड़ा नया रिकॉर्ड नहीं है।
मई और जुलाई 2026 में UPI ट्रांजैक्शन की वैल्यू करीब ₹29.9 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी थी। यानी अगस्त में पैसों की कुल वैल्यू रिकॉर्ड से थोड़ी नीचे रही, लेकिन ट्रांजैक्शन की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना दिया।
अगस्त में औसतन हर दिन करीब 79 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए।
जानकारों के मुताबिक, रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान खरीदारी और डिजिटल पेमेंट बढ़ने से भी UPI के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला। NPCI के मुताबिक UPI 24 घंटे और साल के 365 दिन तत्काल भुगतान की सुविधा देता है। बैंक अकाउंट से बैंक अकाउंट होने वाले सामान्य UPI लेनदेन ग्राहकों के लिए मुफ्त हैं।
भारत में “कैश रखो” का दौर धीरे-धीरे “बस UPI करो” में बदल रहा है। अगस्त का रिकॉर्ड बता रहा है कि डिजिटल पेमेंट अब सिर्फ सुविधा नहीं… लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है।
फैक्ट-चेक में क्या-क्या सुधारा गया?
₹29.82 लाख करोड़ — अगस्त 2026 की UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू।
24.51 अरब / करीब 2,451 करोड़ — अगस्त में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या, जो नया रिकॉर्ड है।
जुलाई में 23.66 अरब ट्रांजैक्शन और ₹29.88 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ था।
अगस्त 2025 की तुलना में ट्रांजैक्शन वैल्यू करीब 20% बढ़ी, जबकि वॉल्यूम करीब 22% बढ़ा।
इसलिए “अगस्त में UPI वैल्यू ने नया रिकॉर्ड बनाया” कहना सही नहीं होगा; सही लाइन है—“UPI ट्रांजैक्शन की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया।”
UPI की शुरुआत का पायलट 11 अप्रैल 2016 को हुआ था और 25 अगस्त 2016 तक UPI-enabled ऐप उपलब्ध हो गए थे।
