चाचा-भतीजा चुनाव मैदान में, खुर्सी के लिए रिश्तेदार भी हो गए आमने-सामने…
धमतरी। चुनावी मैदान में प्रचार प्रसार, मतदान और जनसंपर्क के बिना उम्मीदवार का जीत संभव नहीं है। इधर ग्राम परसतराई में आदिवासी समाज ने आपसी तालमेल से सरपंच का चुनाव निर्विरोध कर लिया। धमतरी जिले से लगे ग्राम पंचायत परसतराई में सरपंच पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुआ। यहां के आदिवासी समाज ने बिना चुनाव किए निर्विरोध सरपंच चुन लिया। ग्राम पंचायत परसतराई के भूतपूर्व सरपंच प्रताप मरकाम ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार गांव का मुखिया चुनने मनोनयन की प्रक्रिया अपनाई गई। इसके लिए सर्व आदिवासी समाज द्वारा एक बैठक रखी गई। इस पर सभी आदिवासी समाज के लोगों ने सहमति जताई।
प्रताप मरकाम ने आगे बताया कि सरपंच पद के लिए दो महिलाओं का नाम प्रस्तावित किया गया, जिसमें गंगा मरकाम पति प्रदीप मरकाम व डोमेश्वरी धुर्वे पति देवेन्द्र धुर्वे शामिल थी। समाज द्वारा गहन विचार-विमर्श किया गया और गंगा मरकाम को निर्विरोध सरपंच चुना गया। इस निर्णय से सभी आदिवासी समाज ग्राम परसतराई ने सहमति जताई। इस मौके पर चेतनराम नेताम, टम्मन मरकाम, कामता मरकाम, दुर्गेश उईके, भूपेश नेताम, किशोर नेताम, क्षत्री नेताम, महावीर नेताम, देवेन्द्र मांडवी, डोमेश्वरी ध्रुवे, रामेश्वर धुर्वे, गंगा धुर्वे, सविता नेताम, लक्ष्मी मरकाम, अंजू नेताम, तारा नेताम, दशमत मरकाम, धुरई नेताम, जागेश्वरी मांडवी, मथुरा नेताम, पुष्प नेताम, बीरेंद्र नेताम, संतोष नेताम आदि मौजूद रहे।
सिर्री. नामांकन दाखिल की तिथि समाप्त होते ही प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। कई जगह सगे रिश्तेदार आमने-सामने हो गए हैं। कुरुद के वार्ड क्रमांक-10 में दो सगे भाई पार्षद चुनाव में आमने-सामने हैं। वहीं सरपंच चुनाव में सिर्री पंचायत से चाचा-भतीजा एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए हैं। जिस भतीजे को चाचा ने बचपन में अपने गोद में खेलाया। वहीं चाचा के सामने आज सरपंच पद के लिए आमने-सामने हो गए हैं। 50 साल के लेखराम सिन्हा सरपंच पद के लिए नामांकन भर चुनाव मैदान में उतर गए हैं। इसी पद के लिए उनके 26 वर्षीय भतीजे देशांत सिन्हा भी चुनाव मैदान में उतरे हैं। दोनों चाचा-भतीजा दमदारी के साथ प्रचार अभियान में जुटे हैं।
इन दोनों के अलावा संजीव साहू (55) व लिलेन्द्र देवांगन (30) साल भी चुनाव लड़ रहे। इस तरह सिर्री सरपंच पद के लिए यहां 4 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे। सरपंच पद के लिए चाचा-भतीजा आमने-सामने होने से दिलचस्प मुकाबले की संभावना देखी जा रही है। ग्रामीण भी रोचक मुकाबले की उम्मीद कर रहे। लेखराम सिन्हा (चाचा) दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। भतीजे का यह पहला चुनाव है। देशान्त सिन्हा (भतीजा) ने कहा कि गांव के चहुंमुखी विकास विजन को लेकर उन्होंने सरपंच पद के लिए चुनावी ताल ठोकी है। मतदाता जिसे भी अपना मुखिया चुने मंजूर है।
