गरियाबंद में 2 और नक्सलियों के शव बरामद, मृतकों की संख्या 16 पहुंची…
गरियाबंद। कुल्हाड़ीघाट रेंज में भालुडिग्गी की पहाड़ी के बीच घने जंगलों में फोर्स और नक्सलियों के बीच करीब 72 घंटे से जारी मुठभेड़ बुधवार को खत्म हो गई। ऑपरेशन के तहत मंगलवार को जहां 14 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे। वहीं, बुधवार को 2 और नक्सलियों के शव मिले हैं।
इस दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग की। जवाब में फोर्स ने भी गोलीबारी की। बता दें कि भालुडिग्गी की चार पहाडिय़ों में छोटे-बड़े झरनों के पीछे कई खोह हैं। इन खोह में 50 से 60 लोग बड़ी आसानी से छिप सकते हैं।
फोर्स को अंदेशा है कि यहां अब भी बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हो सकते हैं। बुधवार को फोर्स ने जंगल से कई नक्सल सामग्रियां भी बरामद की थी, जिन्हें एक जगह इकट्ठा कर होली जलाई गई।
जवानों को मिली बड़ी सफलता, सुकमा में मिला नक्सलियों का शस्त्रागार
सुकमा। नक्सल विरोधी अभियान में लगी 203 कोबरा बटालियन और 131 बटालियन सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने मेटागुडेम और दुलेर गांवों के बीच के वन क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री और हथियार निर्माण उपकरणों का एक बड़ा भंडार पर छापामार कार्रवाई की। बुधवार सुबह हुए इस अभियान में दोनों बटालियनों की कई स्ट्राइक टीम शामिल थीं।
इस टीम ने दोपहर को मेटागुडेम गांव से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर एक गुफा ठिकाना खोजा। इस ठिकाना में एक शस्त्रागार संचालित था। छानबीन में यहां से 21 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस, साबुन के केसों में पैक, मल्टीपल बैरल ग्रेनेड लांचर, एक जनरेटर सेट, लेथ मशीन के सामान, विस्फोटक बनाने की बड़ी मात्रा में सामग्री, गन निर्माण के उपकरण और आवश्यक चिकित्सा सामग्री शामिल हैं। प्रत्येक बरामद आईईडी का वजन लगभग 250 ग्राम था। इस अभियान में डॉग स्क्वाड और बम डिटेक्शन टीमों की भी भूमिका थी।
नए फारवर्ड आपरेटिंग बेस बनाने थी तैयारी
इस शस्त्रागार के खोज लिए जाने से यह पता चल रहा है कि नक्सली अपना नए स्थापित फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी)बना रहे थे। बरामद वस्तुओं की जटिल प्रकृति निकटवर्ती एक सक्रिय निर्माण इकाई का संकेत देती है।
