अगले दो दिनों में और बढ़ेगी भीषण गर्मी, जानें लू से बचने के उपाय…

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भिलाई। दुर्ग जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए शासन ने लू के लक्षण, लू से बचाव के उपाय और प्रारंभिक उपचार को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। जिला प्रशासन द्वारा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को लू के संबंध में जागरुकता लाने और प्रशिक्षण देने के लिए निर्देशित किया गया है।

स्वास्थ्य केन्द्रों में लू से प्रभावित मरीजों का प्राथमिकता से परीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मौसम विभाग के डेटा से शुक्रवार को दुर्ग जिले का तापमान गुरुवार की तुलना में 1.6 डिग्री कम रहा। अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।

क्या न करें

गर्मी के दौरान बाहर न जाएं, यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है तो दिन के शीतलन घंटो के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटों के दौरान बाहर जाने से बचें (विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच), नंगे पैर या बिना चेहरे को ढ़के और बिना सिर ढ़ंककर बाहर न जाएं। व्यस्तम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचें, खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घर) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय, पीने से बचें जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खाने से बचें, बासी खाना न खाएं। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाएं, घर पर रहें।

लू के लक्षण

सिर भारीपान और दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना, अधिक प्यास और पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा बेहोश होना।

लू से बचाव के उपाय

लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुयतया नमक की कमी हो जाना होता है। बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर न जाएं। धूप से निकलने से पहले सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी अधिक मात्रा में पिएं।

और अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। अधिक पसीना आने पर ओआरएस घोल पिएं।

लू लगने पर प्रारंभिक उपचार

बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगाएं। अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलाएं, जैसे कच्चे आम का पना, जल जीरा आदि। पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटाएं। शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काव करते रहें। पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार के लिए ले जाएं और मितानिन, एएनएम से ओआरएस के पैकेट के लिए संपर्क करें। मर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संबंधित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हों, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें। हल्के, हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें।

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