डोंगरगढ़ में रोप-वे हादसे के बाद एक-दूसरे पर थोप रहे जिम्मा, कंपनी के पत्र को गंभीरता से नहीं लिया…

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राजनांदगाव। डोंगरगढ़ में माँ बलेश्वरी मंदिर परिसर में रोप-वे की ट्रॉली गिरने के हादसे के बाद सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट ने पूरा जिमा ठेके पर रोप-वे संचालन करने वाली दामोदर रोप-वे एंड इंफ्रा लिमिटेड कंपनी पर थोप दिया है। जिम्मेदार लोग खुद का बचाव करने के लिए एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ते नजर आ रहे हैं।

खबर सामने आई है कि रोप-वे के सुरक्षित संचालन व मजबूती के साथ मेंटेनेंस को लेकर दामोदर रोपवे कंपनी की ओर से मंदिर ट्रस्ट के समक्ष 12 फरवरी 2025 को पत्राचार के माध्यम से तकनीकी पहलुओं को रखा गया था पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। पत्रिका को रोप-वे कंपनी का एक पत्र मिला है, जिसमें कंपनी की ओर से मंदिर ट्रस्ट को गंभीर तकनीकी पहलुओं को लेकर चर्चा करने व इस पर अनुशंसा करने की बात लिखी गई है।

कंपनी की ओर से ट्रस्ट के अध्यक्ष के नाम लिखे गए पत्र में जिक्र किया गया है कि रोप-वे को सुरक्षित रूप से चलाने के लिए बिना किसी देरी के चेन हॉलेज सिस्टम को बदलने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसलिए परिचालन को तत्काल बंद करने की अनुशंसा करते हैं। लिखा है कि यदि किसी भी प्लेटफॉर्म में कोई सुरक्षा समस्या है, तो डीआरआईएल का प्रबंधन न तो साइट इंजीनियर, साइट प्रभारी या डीआरआईएल का कोई व्यक्ति जिम्मेदारी नहीं लेगा।

कंपनी ने मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के नाम लिखा है कि कई बैठकों और फोन कॉल के माध्यम से सुरक्षित संचालन अभ्यास बनाए रखने के लिए चेन डुलाई प्रणाली की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करना चाहते हैं। संरचनात्मक भाग अभी डिजाइन नहीं किया गया है और इसमें ओवर हालिंग की आवश्यकता है। लिखा है कि चेन हॉलेज स्थान पर केबिन गिरने की संभावना को कम करने के लिए नियमित आधार पर बुनियादी सुधार और समायोजन किए गए हैं। इस संबंध में ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के पक्ष जानने संपर्क किया गया पर कॉल रिसीव नहीं किया।

और भार बढ़ता गया

कंपनी ने लिखा है कि पहली बैठक के बाद रिपोर्ट दी गई है पर समिति की ओर से कोई सकारात्मक प्रक्रिया नहीं मिली है। यही बात तत्काल पीएलसी और इलेक्ट्रॉनिक अपग्रेड के बारे भी सच है। यह हमारी गंभीर अनुशंसा है कि मौजूदा चेन डुलाई को प्रतिस्थापित किया जाए और स्टील के साथ ही सही क्षमता वाली एक नई डुलाई शुरू की जाए ताकि 14 केबिन के साथ दैनिक परिचालन के साथ भार का सामना कर सकें।

जिला स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार

इस मामले में एफआईआर हो गई है। डोंगरगढ़ पुलिस की ओर से मौके पर मौजूद रहे लोगों से मौखिक बयान लिया जा रहा है। एसडीओपी आशीष कुंजाम ने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करेंगे। इसमें ही तकनीकी पक्ष सामने आएगा। इसके बाद कार्रवाई तय होगी।

टीम को सप्ताहभर में देनी है रिपोर्ट

इधर कलेक्टर की ओर से गठित जिला स्तरीय टीम की ओर से भी जांच शुरू की जा रही है। टीम को एक सप्ताह के भीतर निरीक्षण के साथ ही तकनीकी पहलुओं के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंच सकती है।

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