High Court Decision:-हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कलेक्टर नहीं बदल सकते CEO का प्रभार, अधिकारी को फिर से पद पर बहाल करने के आदेश
High Court Decision:-छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कलेक्टर के अधिकारों की सीमा तय कर दी है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का प्रभार बदलने का अधिकार कलेक्टर के पास नहीं है।
इस मामले में हाईकोर्ट ने कलेक्टर द्वारा जारी आदेश को रद्द करते हुए अधिकारी शुभा दामोदर मिश्रा को उनके पद पर फिर से बहाल करने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश पार्थ प्रतिम साहू की एकल पीठ में हुई।
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High Court Decision:-विवाद कैसे शुरू हुआ?
कलेक्टर ने 11 मार्च 2026 को आदेश जारी कर शुभा मिश्रा को CEO के प्रभार से हटाकर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय में भेज दिया।
इस फैसले के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनके वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि:
- 11 अप्रैल 2025 के सरकारी सर्कुलर के अनुसार
- CEO की नियुक्ति और हटाने का अधिकार सिर्फ राज्य शासन को है
- कलेक्टर को यह अधिकार नहीं है
High Court Decision:-हाईकोर्ट का फैसला
सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने:
-कलेक्टर के आदेश को निरस्त (रद्द) कर दिया
-शुभा मिश्रा को फिर से CEO पद पर बहाल करने के निर्देश दिए
High Court Decision:-फैसले का महत्व
- कलेक्टर की सीमाएं तय
- राज्य शासन की भूमिका स्पष्ट
- प्रशासनिक अधिकारों पर बड़ा संदेश
- भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मिसाल
